नागरिकांच्या समस्या ऐकणे आणि त्यांचे निराकरण - लोकशाहीचा खरा उत्सव
लोकशाही दिन हा महाराष्ट्र सरकारचा एक महत्त्वाचा उपक्रम आहे जो दर महिन्याच्या पहिल्या सोमवारी आयोजित केला जातो.
या दिवशी जिल्हाधिकारी, उपजिल्हाधिकारी, तहसीलदार यांच्यासह प्रशासकीय अधिकारी थेट नागरिकांच्या समस्या ऐकतात आणि त्यांचे निराकरण करतात. हे "जनता दरबार" किंवा "लोकशाहीचा उत्सव" म्हणून ओळखले जाते.
| महिना | एकूण प्राप्त अर्ज | निकाली | प्रलंबित | प्रगती |
|---|---|---|---|---|
| जानेवारी | 19 | 19 | 0 |
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| फेब्रुवारी | 18 | 18 | 0 |
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| मार्च | 11 | 11 | 0 |
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| एप्रिल | 16 | 16 | 0 |
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| मे | 11 | 11 | 0 |
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| जून | 6 | 6 | 0 |
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| जुलै | 30 | 30 | 0 |
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| ऑगस्ट | 23 | 23 | 0 |
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| सप्टेंबर | 2 | 2 | 0 |
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| ऑक्टोबर | 6 | 0 | 6 |
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| नोव्हेंबर | 12 | 0 | 12 |
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| डिसेंबर | 0 | 0 | 0 |
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| एकूण | 154 | 136 | 18 | 88.3% |
उपलब्ध डेटानुसार (एकूण १५४ अर्जांपैकी १३६ निकाली), ८८.३१% अर्जदारांचे समाधान झाले आहे.
(प्रलंबित अर्ज फक्त ऑक्टोबर आणि नोव्हेंबरमध्ये आहेत – त्यांचे निराकरण प्रगतीपथावर आहे.)
समाधानी नागरिक